रांची : झारखंड में ठंड ने इस बार सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राज्य के कई हिस्सों में सर्दी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। हालात ऐसे हैं कि ओस की बूंदें जमकर बर्फ का रूप ले रही हैं। खूंटी में न्यूनतम तापमान गिरकर 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में कड़ाके की ठंड, शीतलहर और बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

Jharkhand Weather Update : रिकॉर्ड तोड़ ठंड से कांपा राज्य
मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड में उत्तर-पश्चिमी सर्द हवाओं के प्रभाव से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कई जिलों में सुबह और रात के समय घना कोहरा और दिनभर धुंध छाई रह रही है। धूप निकलने के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में नमी अधिक होने के कारण ओस जमकर बर्फ में तब्दील हो रही है, जो सामान्य रूप से पहाड़ी इलाकों में देखी जाती है।
Ranchi Cold Wave Alert : मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
रांची मौसम विभाग ने पहले ही राज्य के अधिकांश जिलों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया था। विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट संभव है। विशेष रूप से खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और रांची जैसे जिलों में ठंड का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। रात के समय तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना जताई गई है।
Jharkhand Winter News : जनजीवन पूरी तरह प्रभावित
कड़ाके की ठंड के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग सुबह और शाम घरों से निकलने से बच रहे हैं। घरों के दरवाजे और खिड़कियां पूरी तरह बंद रखी जा रही हैं और रूम हीटर व अलाव का सहारा लिया जा रहा है। सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है, वहीं ग्रामीण इलाकों में खुले में काम करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Temperature in Khunti Today : 2.1°C ने बढ़ाई चिंता
खूंटी में 2.1 डिग्री सेल्सियस का न्यूनतम तापमान दर्ज होना न केवल झारखंड बल्कि पूर्वी भारत के लिए भी असामान्य माना जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति फसलों और पशुओं पर भी असर डाल सकती है। ठंड के कारण सब्जियों और अन्य रबी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
Cold Wave in Jharkhand : स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने ठंड को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। ठंड से जुड़ी बीमारियों जैसे सर्दी-जुकाम, सांस की समस्या और हाइपोथर्मिया के मामलों में वृद्धि की आशंका है।

